बुधवार, 26 अगस्त 2015

DIABETES (मधुमेह)CAUSE SYMPTOM AND TREATMENT

#1. मधुमेह क्या हैं ::-
डायबिटीज
 मधुमेह

मधुमेह या Diabetes mellitusआधुनिक विश्व की सबसे बड़ी एँव चुनोतींपूर्ण बीमारीं के रूप में आज हमारें सामनें  व्याप्त हैं.यह बीमारीं विश्व के हर तीसरें व्यक्ति में देखी जा रही हैं और धीरें इसका दायरा बुजुर्गों से युवा लोगो और बच्चों तक फेलता जा रहा हैं. मधुमेह मे रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती हैं,और अग्नाशय से निकलनें वाला इंसुलिन नामक हार्मोंन जो इस शर्करा को नियत्रिंत करता हैं ,निकलना बन्द हो जाता हैं.

#2.प्रकार::-

मधुमेह मुख्यत: तीन प्रकार का होता हैं:
(१).टाइप १ मधुमेह:-इस प्रकार के मधुमेह में अग्नाशय में इंसुलिन बिल्कुल नहीं बनता ओर बाहरी इंसुलिन की सहायता से रक्त में शर्करा को नियत्रिंत करना पड़ता हैं.

(२).टाइप २ मधुमेह:-इस प्रकार के मधुमेह में लगभग नब्बें प्रतिशत इंसुलिन अग्नाशय में नहीं बनता हैं, मात्र दस प्रतिशत इंसुलिन की सहायता से शरीर को शर्करा नियत्रिंत करनी पड़ती हैं.

(३) गेस्टोटांइनल मधुमेह:-यह गर्भवती महिलाओं में होता हैं.

#3.कारण:-

वास्तव में मधुमेह के कारणों के सम्बंध में अनेंको अनुसंधान हुये हैं, और जो सर्वमान्य निष्कर्ष निकला हैं उसके अनुसार मधुमेह जीवनशैली से सम्बंधित बीमारीं मानी गई हैं अर्थात
(A).फास्टफूड़ का अत्यधिक खानपान

(B).हाड्रोजेनेटेड़ वसा का खानें में अत्यधिक इस्तेमाल.

(C ).अनियमित जीवनशैली, व्यायाम का ,योग का अभाव.

(D).आनुवांशिक कारणों से

(E).साफ्ट ड्रिंक का अधिक इस्तेमाल.

(F).तनाव ,शराब,तम्बाकू का सेवन.

#4.लक्षण::-

(A).बार -बार पैशाब होना. असामान्य रूप से भूख का बढ़ना,चक्कर आना,आँखों के आगे अँधेरा छाना.

( b).लम्बें समय तक घावों का ठीक नहीं होना, हाथ पाँवों में सुन्नपन सुई चुभने सा अहसास.

इसके अलावा यदि जाँच करवाने पर निम्न मापदंड़ों से अधिक शर्करा रक्त में मिलें तो इसे मधुमेह मानना चाहिये.

 फास्टिंग --100mg/DL से कम

 पोस्ट फास्टिंग 140mg/DL से कम

#5.उपचार:-

आयुर्वैद चिकित्सा प्रणाली हजारों वर्षों से लोगों को स्वस्थ कर रही हैं और मधुमेह में भी इसकी उपयोगिता जग जाहिर हो चुकी हैं,आयुर्वैद में मधुमेह को प्रमेह के रूप में वर्णित किया गया हैं, और उपचार देते हुये कहा गया है,कि यदि रोगी पूरे मनोंयोग से इन उपायों को करें तो निश्चित रूप से शीघ्र स्वस्थ होता हैं.

१. मकरध्वज, नीम बीज,शिलाजित, बेलमज्जा, अर्जुन छाल को समान मात्रा में मिलाकर करेला रस के साथ सुबह शाम सेवन करें.

२.तुलसी, सौंठ, कुट़की ,जामुन बीज चूर्ण को सम भाग मिलाकर भोजन के बाद जल के साथ लें.

३.अश्वगंधा चूर्ण एक चम्मच  रात को सोते वक्त लें.

४.ज्वारें का रस एक कप हर तीसरें दिन लें.

५. योगिक क्रियाएँ जैसें कपालभाँति, अनुलोम-विलोम करतें रहें.

६.जीवनशैली नियमित एँव संतुलित रखे.

७.पर्याप्त मात्रा में पानी पीयें और सलाद का सेवन करें.

८.फलों का रस न लें बल्कि गाय का दूध सेवन करें

९.दारूहल्दी,देवदारू,त्रिफला चूर्ण, नागरमोथा, को समभाग मिलाकर १५ ग्राम चूर्ण को २०० मि.ली.पानी में उबाले जब पानी एक चोथाई रहने पर आधा- आधा सुबह शाम सेवन करें.

१०.करेले का रस प्रतिदिन १५ मि.ली. के हिसाब से १०० मि.ली.पानी में मिलाकर दिन मे दो बार सेवन करें.

११.नवीनतम शोधों के अनुसार मशरूम मधुमेह का सबसे बढ़िया उपचार हैं,यदि मशरूम को कच्चा सलाद की भाँति खाया जायें तो मधुमेह नियंत्रित रहता हैं.

१२.मूली का नियमित और संतुलित मात्रा में भोजन के साथ इस्तेमाल मधुमेह को नियंत्रित करता हैं ।अत:इसका सर्दियों में सेवन अवश्य करें ।

१३.मैथी के बीज को अंकुरित कर या साबुत बीज को पीसकर प्रयोग करने से मधुमेह नियंत्रित रहता हैं ।

#6.सावधानी::-

० मेदा से बनी चीजों, जंक फूड का सेवन न करें

० आरामदायत जीवनशैली से बचें.

० धूम्रपान,शराब का सेवन न करें.

० शरीर की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें विशेषकर चोटों और फोड़े फुंसियों का.

#7.क्या करें::-


० Diabetes में सही Diet plan आपको ज़रूर अपनाना चाहियें जैसें फायबर युक्त भोजन , ककडी,चोलाई,मूंग,और हरी सब्जियों का सेवन करें.

० रोज़ ३-४ कि.मी.  सुबह शाम पेदल चलें.

तनाव मुक्त रहे इसके लिये योग क्रियाएँ जैसे प्राणायाम करें.

० विभिन्न अनाजों  को मिलाकर जैसे सोया,चना,जौ,अलसी से बनी रोटी का सेवन करें.

० मधुमेह में भूखा रहनें से Hypoglycemia का खतरा रहता हैं,अत: भूखा रहनें की स्थिति में बिस्किट़,चना,किशमिश अपनें साथ अवश्य रखना चाहियें.

●न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर


नोट- वैघकीय परामर्श आवश्यक

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