रविवार, 23 अगस्त 2015

ALOEVERA :- GOD GIFT PLANT FOR HUMAN

#1.एलोवेरा  क्या  हैं::-

                                       एलोवेरा का वानस्पतिक नाम aloe barbadensis हैं,विश्व में इस पौधे की पाँच सौ से अधिक प्रजाति पायी जाती हैं.यह पौधा विश्व की सभी जलवायु में अपनें आप को अनूकूलित करनें की विशेषता रखता हैं. अपनें चोड़ें, नुकीलें,सदाबहार गुणों के कारण यह आसानी से पहचाना जा सकता हैं. इस पौधे में निन्यानवें  प्रतिशत जल और एक प्रतिशत गुदा होता हैं.  इसमें विटामिन सी और विटामिन  बी काम्पलेक्स प्रचुरता में विधमान रहता हैं.भारतीय मनीषी पाँच हजार वर्ष पूर्व से इसके उपयोग को लेकर परिचित है.



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  #2.वैघकीय उपयोग::-

    (A). उदर रोगों में- 

१. कब्ज होनें पर इसका ताजा गुदा सेवन करनें से कब्ज में आराम मिलता हैं.

 २.अम्लपित्त (acidity) होनें पर आंवला रस,लोकी रस एँव मिस्री को मिलाकर सेवन करें.

 ३. पेट में ulcer हो तो  गुदा अाटे मे मिलाकर रोगी को रोटी बनाकर खिलावें.

        

 (B). त्वचा रोगों में-

 १. यदि त्वचा जल गई हो तो इसका गुदा जले स्थान पर लगायें शीघ्र नई त्वचा आ जावेगी.

२.खुजली होनें पर आवँला रस,नीम रस,एँव चिरायता रस मिलाकर पीयें. एँव  प्रभावित  स्थान पर लगायें.

 ३. Lucoderma या श्वेत कुष्ठ होनें पर हल्दी, गिलोय रस,मंडूपर्णी रस,ओर बाकुची मिलाकर सेवन करें. 

 ४. चेहरे पर मुहाँसे हो तो त्रिफला के साथ सेवन करें
                               

    (C). बालों से सम्बंधित समस्याओं में

  १.यदि  कैंसर के बाद किमोंथेरेपी हुई हो और बाल झड़ गयें हो तो गुदे में  रीठा  शिकाकाई मिलाकर बालों पर लगायें .
 २.असमय सफेदी आ गई हो तो ब्राम्ही वटी के साथ सेवन करें
 Alovera

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