मंगलवार, 11 अगस्त 2015

WHAT IS AYURVEDA

       
           .        अयुहिर्ताहितं व्याधेनिर्धानं शमनं तथा
                    विघते यत्र विद्धाद्धि:   स: आयुर्वैद उच्चते
 अर्थात जिस शास्त्र में आयु के लिये हितकारी और अहितकारी पदार्थों का वर्णन हो और रोगों के निदान और उत्पन्न होनें के कारण का वर्णन हो विद्धान लोग उसे आयुर्वैद कहते हैं.

प्रदूषित होती नदिया(River) कही सभ्यताओं के अंत का संकेत तो नही

विश्व की तमाम सभ्यताएँ नदियों के किनारें पल्लवित हुई हैं,चाहे मेसोपोटोमिया हो या हड़प्पा यदि नदिया नही होती तो न ये सभ्यताएँ होती और ना ही...