9 सित॰ 2015

OBESITY AND AYURVEDA

मोटापा क्या हैं::-

मोटापा हमारें शरीर की एक विशेष अवस्था हैं,जिसमें शरीर का वज़न निर्धारित बाँडी मास इन्डेक्स (BMI) से अधिक हो जाता हैं.आम तोर पर स्वस्थ शरीर का बाड़ी मास इन्ड़ेक्स २३ से २५ तक होता हैं,यदि बाड़ी मास इन्ड़ेक्स २९ से अधिक होता हैं,तो माना जाता हैं कि व्यक्ति मोटापे से ग्रसित हैं. मोटापे से ग्रसित व्यक्ति के पेट ,कमर, जांघों, और शरीर के अन्य हिस्सों पर अतिरिक्त चर्बी का जमाव हो जाता हैं .
वजन कम कैसे करे
 मोटापा

मोटापे से होने वाली परेशानी::-

मोटापा समस्त बीमारीयों की जड़ हैं,मोटापे से ग्रसित व्यक्ति का सामाजिक, पारिवारिक जीवन गहराई से प्रभावित होता हैं.मोटापे से ह्रदय रोग,मधुमेह,ब्लड़ प्रेशर,श्वसन सँस्थान के रोग,घुट़नों से सम्बंधित रोग गहराई से सम्बंधित हैं.


 मोटापा कैसें कम करें ::-

१. मेदोहर गुग्गल सुबह शाम दो-दो वटी लेने से मोटापा कम होता हैं.

२. सुबह उठते ही गर्म पानी कर उसमें शहद,अदरक रस,एलोवेरा, और निम्बू रस मिलाकर पीयें.

३. ग्रीन टी में नीम रस मिलाकर पीनें से मोटापा कम होता हैं.

४.छाछ में सोंठ, जीरा मिलाकर भोजन से पहलें एक गिलास पीनें से मोटापा कम होता हैं.

५.वासा त्रिभुवनकिर्ती रस और महारास्नासप्तक क्वाथ मिलाकर सुबह शाम गिलोय रस के साथ लें.

६. भोजन में सलाद का हिस्सा २०   प्रतिशत होना चाहिये

७.मेदा , बेसन ओर जंक फूड़ से बचें.

८.भोजन को कई हिस्सों में बाँटे उदाहरण के लियें सुबह के नास्ते के बाद दोपहर के भोजन से एक घंटे पूर्व फलों का सेवन करें पश्चात चाय के समय ग्रीन टी और रात का भोजन ऊबला हुआ.

९.योगिक क्रियाँ कपालभाँति करें.

१०. गर्म पानी की भाप हर तीसरें दिन पूरें  शरीर पर लें

११.पेट साफ रखे इस हेतू रोज़ सोते समय त्रिफला चूर्ण एक चम्मच गर्म जल से लें.

१२. वसा युक्त पदार्थों का सेवन पूर्णत:  बंद करें

१३.अलसी को भूनकर स्वादानुसार सेवन करें.

१४.सोने की अनियमित शैली मोटापा बढ़ाने में बहुत मददगार मानी जाती हैं अत: सोने की निश्चित समय सीमा जरुर निर्धारित होना चाहिये ।

१५.व्यायाम में रनिंग को प्राथमिकता दे अनेक रिसर्च से ये प्रमाणित हुआ हैं की यदि व्यक्ति सुबह शाम आधा घंटा रनिंग करता हैं तो उसका बॉडी मास इंडेक्स संतुलित रहता हैं ।

१६.दिल्ली विश्वविद्यालय की टीम द्वारा मोटापे पर किये गये एक अध्ययन में सामनें आया की दालचीनी की 3 ग्राम के बराबर मात्रा भोजन में नियमित रूप से शामिल करने से मोटापे में उल्लेखनीय कमी प्रदर्शित होती हैं ।



जानिये पालक और मेथी के फायदे

# इंट्रागेसट्रिक बलून तकनीक [Inragestric balloon techniques] :::

कभी - कभी बहुत मोट़े लोगों का वज़न नियत्रिंत करना बहुत बड़ी चुनोतीं बन जाता हैं,ऐसे में कुछ विशेष तकनीकों का सहारा लेना पड़ता हैं,इंट्रागेसट्रिक बलून तकनीक भी उन्हीं तकनीकों में से एक हैं,इस तकनीक में सिलिकान का बना एक बलून फुलाकर पेट़ में स्थापित कर दिया जाता हैं,जिससे व्यक्ति को हमेशा पेट़ भरनें सा अहसास होता हैं.इस तकनीक में किसी भी प्रकार के आपरेशन की आवश्यकता नहीं पड़ती हैं,इसलियें ये तकनीक उन लोगों में विशेष फायदेमंद हैं,जो आपरेशन नही कराना चाहतें.

यह बलून अधिकतम एक वर्ष तक पेट़ में रखा जा सकता हैं.
कई लोग सवाल पूछतें हैं,कि क्या पेट़ में बलून का अहसास नही होता इसके जवाब में कई लोगों पर किया अध्ययन यह कहता हैं,कि शुरूआत में कुछ दिन असामान्य लग सकता हैं,जिसमें उल्टी होना,पेट़ दर्द होना,पेट़ फूला होना जैसें अहसास होता हैं,किन्तु कुछ दिन बाद शरीर सामान्य हो जाता हैं.

# भोजन घड़ी (food clock) :::

वजन कम करनें में भोजन घड़ी का बहुत अहम रोल होता जा रहा हैं,भोजन घड़ी के अनुसार 12 घंटे ऐसे निर्धारित किये जानें चाहियें जब शरीर मे अन्न का एक भी दाना नही जाए,यह समय यदि शाम से लेकर सुबह तक हो तो बेहतर रहता हैं.उदाहरण के लिये शाम को 7 से सुबह 7 बजे तक .

नोट- वैघकीय परामर्श आवश्यक


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